[2020] Shree Hanuman Chalisa Hindi, English Lyrics With Meaning

Jai Shree Ram everyone If You are looking For (हनुमान चालीसा) Shree Hanuman Chalisa Hindi, English, Tamil, Telugu, Kannada, Gujrati, Odia Lyrics then here in this article we made a list of Shree Hanuman Chalisa in different languages that you will love to read.

All the Hanuman Chalisa in written is available not only in Hindi but also Hanuman Chalisa is available in different languages.

And if you are also looking for Hanuman Chalisa with English meaning, you will also find that here. Now let’s go and read and recite Hanuman Chalisa “Jai Bajrang Bali and Jai Shree Ram”.

( श्री हनुमान चालीसा) Shree Hanuman Chalisa Hindi Lyrics

॥दोहा॥

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि ।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ॥

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार ।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार ॥

॥चौपाई॥

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥

राम दूत अतुलित बल धामा ।
अञ्जनि-पुत्र पवनसुत नामा ॥२॥

महाबीर बिक्रम बजरङ्गी ।
कुमति निवार सुमति के सङ्गी ॥३॥

कञ्चन बरन बिराज सुबेसा ।
कानन कुण्डल कुञ्चित केसा ॥४॥

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै ।
काँधे मूँज जनेउ साजै ॥५॥

शंकर सुवन केसरीनन्दन ।
तेज प्रताप महा जग बन्दन ॥६॥

बिद्यावान गुनी अति चातुर ।
राम काज करिबे को आतुर ॥७॥

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया ।
राम लखन सीता मन बसिया ॥८॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा ।
बिकट रूप धरि लङ्क जरावा ॥९॥

भीम रूप धरि असुर सँहारे ।
रामचन्द्र के काज सँवारे ॥१०॥

लाय सञ्जीवन लखन जियाये ।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये ॥११॥

रघुपति कीह्नी बहुत बड़ाई ।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥१२॥

सहस बदन तुह्मरो जस गावैं ।
अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं ॥१३॥

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा ।
नारद सारद सहित अहीसा ॥१४॥

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते ।
कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते ॥१५॥

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीह्ना ।
राम मिलाय राज पद दीह्ना ॥१६॥

तुह्मरो मन्त्र बिभीषन माना ।
लंकेश्वर भए सब जग जाना ॥१७॥

जुग सहस्र जोजन पर भानु ।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥१८॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं ।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥१९॥

दुर्गम काज जगत के जेते ।
सुगम अनुग्रह तुह्मरे तेते ॥२०॥

राम दुआरे तुम रखवारे ।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥२१॥

Hanuman Chalisa Hindi, English, Tamil, Telugu, Knnada Lyrics, hanuman chalisa mp3, Hnuman chalisa bhajan

सब सुख लहै तुह्मारी सरना ।
तुम रच्छक काहू को डर ना ॥२२॥

आपन तेज सह्मारो आपै ।
तीनों लोक हाँक तें काँपै ॥२३॥

भूत पिशाच निकट नहिं आवै ।
महाबीर जब नाम सुनावै ॥२४॥

नाशै रोग हरै सब पीरा ।
जपत निरन्तर हनुमत बीरा ॥२५॥

सङ्कट तें हनुमान छुड़ावै ।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै ॥२६॥

सब पर राम तपस्वी राजा ।
तिन के काज सकल तुम साजा ॥२७॥

और मनोरथ जो कोई लावै ।
सोई अमित जीवन फल पावै ॥२८॥

चारों जुग प्रताप तुह्मारा ।
है प्रसिद्ध जगत उजियारा ॥२९॥

साधु सन्त के तुम रखवारे ।
असुर निकन्दन राम दुलारे ॥३०॥

अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता ।
अस बर दीन जानकी माता ॥३१॥

राम रसायन तुह्मरे पासा ।
सदा रहो रघुपति के दासा ॥३२॥

तुह्मरे भजन राम को पावै ।
जनम जनम के दुख बिसरावै ॥३३॥

अन्त काल रघुबर पुर जाई ।
जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई ॥३४॥

और देवता चित्त न धरई ।
हनुमत सेइ सर्व सुख करई ॥३५॥

सङ्कट कटै मिटै सब पीरा ।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ॥३६॥

जय जय जय हनुमान गोसाईं ।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं ॥३७॥

जो शत बार पाठ कर कोई ।
छूटहि बन्दि महा सुख होई ॥३८॥

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा ।
होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥३९॥

तुलसीदास सदा हरि चेरा ।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा ॥४०॥

॥दोहा॥

पवनतनय सङ्कट हरन, मङ्गल मूरति रूप ।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप ॥

श्री हनुमान चालीसा (Shree Hanuman Chalisa) Song Video

Hanuman Chalisa by hari haran song Video
Hanuman Chalisa Hindi, English, Tamil, Telugu, Knnada Lyrics, hanuman chalisa mp3, Hnuman chalisa bhajan

( श्री हनुमान चालीसा) Hanuman Chalisa Hindi Meaning With Lyrics

श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।

अर्थ– श्री गुरु महाराज के चरण कमलों की धूलि से अपने मन रूपी दर्पण को पवित्र करके

श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूं,

जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला है।

****
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन-कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।

अर्थ– हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन करता हूं।

आप तो जानते ही हैं कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है।

मुझे शारीरिक बल, सद्‍बुद्धि एवं ज्ञान दीजिए

और मेरे दुखों व दोषों का नाश कार दीजिए।

****
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुं लोक उजागर॥1॥

अर्थ– श्री हनुमान जी! आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है।

हे कपीश्वर! आपकी जय हो!

तीनों लोकों, स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।

****

राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥2॥

अर्थ– हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नहीं है।

****
महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥

अर्थ– हे महावीर बजरंग बली!आप विशेष पराक्रम वाले है।

आप खराब बुद्धि को दूर करते है,

और अच्छी बुद्धि वालों के साथी, सहायक है।

****
कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥

अर्थ– आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों,

कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।

****
हाथबज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेऊ साजै॥5॥

अर्थ- आपके हाथ में बज्र और ध्वजा है और

कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।

****
शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग वंदन॥6॥

अर्थ- शंकर के अवतार! हे केसरी नंदन आपके पराक्रम

और महान यश की संसार भर में वन्दना होती है।

****
विद्यावान गुणी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर॥7॥

अर्थ- आप प्रकान्ड विद्या निधान है, गुणवान और अत्यन्त

कार्य कुशल होकर श्री राम के काज करने के लिए आतुर रहते है।

****
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया॥8॥

अर्थ- आप श्री राम चरित सुनने में आनन्द रस लेते है।

श्री राम, सीता और लखन आपके हृदय में बसे रहते है।

****
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा, बिकट रूप धरि लंक जरावा॥9॥

अर्थ– आपने अपना बहुत छोटा रूप धारण करके

सीता जी को दिखलाया और भयंकर रूप करके लंका को जलाया।

****
भीम रूप धरि असुर संहारे, रामचन्द्र के काज संवारे॥10॥

अर्थ- आपने विकराल रूप धारण करके राक्षसों को मारा

और श्री रामचन्द्र जी के उद्‍देश्यों को सफल कराया।

****
लाय सजीवन लखन जियाये, श्री रघुवीर हरषि उर लाये॥11॥

अर्थ- आपने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को

जीवित किया जिससे श्री रघुवीर ने हर्षित होकर आपको हृदय से लगा लिया।

Hanuman Chalisa Hindi, English, Tamil, Telugu, Knnada Lyrics, hanuman chalisa mp3, Hnuman chalisa bhajan

****
रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई, तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥12॥

अर्थ- श्री रामचन्द्र ने आपकी बहुत प्रशंसा की

और कहा कि तुम मेरे भरत जैसे प्यारे भाई हो।

****
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥13॥

अर्थ- श्री राम ने आपको यह कहकर हृदय से लगा लिया

की तुम्हारा यश हजार मुख से सराहनीय है।

****
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा, नारद, सारद सहित अहीसा॥14॥

अर्थ- श्री सनक, श्री सनातन, श्री सनन्दन, श्री सनत्कुमार आदि मुनि

ब्रह्मा आदि देवता नारद जी, सरस्वती जी,

शेषनाग जी सब आपका गुण गान करते है।

****
जम कुबेर दिगपाल जहां ते, कबि कोबिद कहि सके कहां ते॥15॥

अर्थ- यमराज, कुबेर आदि सब दिशाओं के रक्षक,

कवि विद्वान, पंडित या कोई भी आपके यश का पूर्णतः

वर्णन नहीं कर सकते।

****
तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा, राम मिलाय राजपद दीन्हा॥16॥

अर्थ- आपने सुग्रीव जी को श्रीराम से मिलाकर

उपकार किया, जिसके कारण वे राजा बने।

****
तुम्हरो मंत्र विभीषण माना, लंकेश्वर भए सब जग जाना॥17॥

अर्थ- आपके उपदेश का विभिषण जी ने पालन किया

जिससे वे लंका के राजा बने, इसको सब संसार जानता है।

****
जुग सहस्त्र जोजन पर भानू, लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥18॥

अर्थ- जो सूर्य इतने योजन दूरी पर है कि उस पर पहुंचने के लिए हजार युग लगे।

दो हजार योजन की दूरी पर स्थित सूर्य को आपने एक मीठा फल समझकर निगल लिया।

****
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहि, जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥19॥

अर्थ- आपने श्री रामचन्द्र जी की अंगूठी मुंह में रखकर

समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई आश्चर्य नहीं है।

****
दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥20॥

अर्थ- संसार में जितने भी कठिन से कठिन काम हो,

वो आपकी कृपा से सहज हो जाते है।

राम दुआरे तुम रखवारे, होत न आज्ञा बिनु पैसा रे॥21॥

अर्थ- श्री रामचन्द्र जी के द्वार के आप रखवाले है,

जिसमें आपकी आज्ञा बिना किसी को प्रवेश नहीं मिलता

अर्थात् आपकी प्रसन्नता के बिना राम कृपा दुर्लभ है।
****

सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना ॥22॥

अर्थ- जो भी आपकी शरण में आते है, उस सभी को आनन्द प्राप्त होता है,

और जब आप रक्षक है, तो फिर किसी का डर नहीं रहता।

****
आपन तेज सम्हारो आपै, तीनों लोक हांक तें कांपै॥23॥

अर्थ- आपके सिवाय आपके वेग को कोई नहीं रोक सकता,

आपकी गर्जना से तीनों लोक कांप जाते है।

****
भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥24॥

अर्थ- जहां महावीर हनुमान जी का नाम सुनाया जाता है,

वहां भूत, पिशाच पास भी नहीं फटक सकते।

****
नाशै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥25॥

अर्थ- वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से

सब रोग चले जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।

****
संकट तें हनुमान छुड़ावै, मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥26॥

अर्थ- हे हनुमान जी! विचार करने में, कर्म करने में और बोलने में,

जिनका ध्यान आपमें रहता है, उनको सब संकटों से आप छुड़ाते है।

****
सब पर राम तपस्वी राजा, तिनके काज सकल तुम साजा॥27॥

अर्थ- तपस्वी राजा श्री रामचन्द्र जी सबसे श्रेष्ठ है,

उनके सब कार्यों को आपने सहज में कर दिया।

Hanuman Chalisa Hindi, English, Tamil, Telugu, Knnada Lyrics, hanuman chalisa mp3, Hnuman chalisa bhajan
Jai Bajrang Bali “Hanuman Chalisa”

****
और मनोरथ जो कोइ लावै, सोई अमित जीवन फल पावै॥28॥

अर्थ- जिस पर आपकी कृपा हो, वह कोई भी अभिलाषा करें तो

उसे ऐसा फल मिलता है जिसकी जीवन में कोई सीमा नहीं होती।

****
चारों जुग प्रताप तुम्हारा, है प्रसिद्ध जगत उजियारा॥29॥

अर्थ- चारो युगों सतयुग, त्रेता, द्वापर तथा कलियुग में

आपका यश फैला हुआ है, जगत में आपकी कीर्ति सर्वत्र प्रकाशमान है।

****
साधु सन्त के तुम रखवारे, असुर निकंदन राम दुलारे॥30॥

अर्थ- हे श्री राम के दुलारे! आप सज्जनों की रक्षा करते है और दुष्टों का नाश करते है।

****
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता॥31॥

अर्थ- आपको माता श्री जानकी से ऐसा वरदान मिला हुआ है,

जिससे आप किसी को भी आठों सिद्धियां और नौ निधियां दे सकते
है।

****

राम रसायन तुम्हरे पासा, सदा रहो रघुपति के दासा॥32॥

अर्थ- आप निरंतर श्री रघुनाथ जी की शरण में रहते है,

जिससे आपके पास बुढ़ापा और असाध्य रोगों के नाश के लिए राम नाम औषधि है।
****
तुम्हरे भजन राम को पावै, जनम जनम के दुख बिसरावै॥33॥

अर्थ- आपका भजन करने से श्री राम जी प्राप्त होते है

और जन्म जन्मांतर के दुख दूर होते है।
****
अन्त काल रघुबर पुर जाई, जहां जन्म हरि भक्त कहाई॥34॥

अर्थ- अंत समय श्री रघुनाथ जी के धाम को जाते है और

यदि फिर भी जन्म लेंगे तो भक्ति करेंगे और श्री राम भक्त कहलाएंगे।
****
और देवता चित न धरई, हनुमत सेई सर्व सुख करई॥35॥

अर्थ- हे हनुमान जी! आपकी सेवा करने से सब प्रकार के सुख मिलते है,

फिर अन्य किसी देवता की आवश्यकता नहीं रहती।
****
संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥36॥

अर्थ- हे वीर हनुमान जी! जो आपका सुमिरन करता रहता है,

उसके सब संकट कट जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।
****
जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहु गुरुदेव की नाई॥37॥

अर्थ- हे स्वामी हनुमान जी! आपकी जय हो, जय हो, जय हो!

आप मुझ पर कृपालु श्री गुरु जी के समान कृपा कीजिए।
****
जो त बार पाठ कर कोई, छूटहि बंदि महा सुख होई॥38॥

अर्थ- जो कोई इस हनुमान चालीसा का सौ बार पाठ करेगा

वह सब बंधनों से छूट जाएगा और उसे परमानन्द मिलेगा।
****
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा॥39॥

अर्थ- भगवान शंकर ने यह हनुमान चालीसा लिखवाया, इसलिए वे साक्षी है,

कि जो इसे पढ़ेगा उसे निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी।
****
तुलसीदास सदा हरि चेरा, कीजै नाथ हृदय मंह डेरा॥40॥

अर्थ- हे नाथ हनुमान जी! तुलसीदास सदा ही श्री राम का दास है।

इसलिए आप उसके हृदय में निवास कीजिए।
****
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सूरभूप॥

अर्थ- हे संकट मोचन पवन कुमार! आप आनंद मंगलों के स्वरूप हैं।

हे देवराज! आप श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण सहित मेरे हृदय में निवास कीजिए।

Hanuman Chalisa Song Video with Lyrics

“Hanuman Chalisa song lyrics video”

Hanuman Chalisa In English

[Doha]

Shri Guru Charan Sarooja-raj Nija manu Mukura Sudhaari
Baranau Rahubhara Bimala Yasha Jo Dayaka Phala Chari
Budhee-Heen Thanu Jannikay Sumirow Pavana Kumara
Bala-Budhee Vidya Dehoo Mohee Harahu Kalesha Vikaara

[Chopai]

Jai Hanuman gyan gun sagar
Jai Kapis tihun lok ujagar

Ram doot atulit bal dhama
Anjaani-putra Pavan sut nama

Mahabir Bikram Bajrangi
Kumati nivar sumati Ke sangi

Kanchan varan viraj subesa
Kanan Kundal Kunchit Kesha

Hath Vajra Aur Dhuvaje Viraje
Kaandhe moonj janehu sajai

Sankar suvan kesri Nandan
Tej prataap maha jag vandan

Vidyavaan guni ati chatur
Ram kaj karibe ko aatur

Prabu charitra sunibe-ko rasiya
Ram Lakhan Sita man Basiya

Sukshma roop dhari Siyahi dikhava
Vikat roop dhari lank jarava

Bhima roop dhari asur sanghare
Ramachandra ke kaj sanvare

Laye Sanjivan Lakhan Jiyaye
Shri Raghuvir Harashi ur laye

Raghupati Kinhi bahut badai
Tum mam priye Bharat-hi-sam bhai

Sahas badan tumharo yash gaave
Asa-kahi Shripati kanth lagaave

Sankadhik Brahmaadi Muneesa
Narad-Sarad sahit Aheesa

Yam Kuber Digpaal Jahan te
Kavi kovid kahi sake kahan te

Tum upkar Sugreevahin keenha
Ram milaye rajpad deenha

Tumharo mantra Vibheeshan maana
Lankeshwar Bhaye Sub jag jana

Yug sahastra jojan par Bhanu
Leelyo tahi madhur phal janu

Prabhu mudrika meli mukh mahee
Jaladhi langhi gaye achraj nahee

Durgaam kaj jagath ke jete
Sugam anugraha tumhre tete

Ram dwaare tum rakhvare
Hoat na agya binu paisare

Sub sukh lahae tumhari sar na
Tum rakshak kahu ko dar naa

Aapan tej samharo aapai
Teenhon lok hank te kanpai

Bhoot pisaach Nikat nahin aavai
Mahavir jab naam sunavae

Nase rog harae sab peera
Japat nirantar Hanumant beera

Sankat se Hanuman chudavae
Man Karam Vachan dyan jo lavai

Sab par Ram tapasvee raja
Tin ke kaj sakal Tum saja

Jai Bajrang Bali “Hanuman Chalisa”

Aur manorath jo koi lavai
Sohi amit jeevan phal pavai

Charon Yug partap tumhara
Hai persidh jagat ujiyara

Sadhu Sant ke tum Rakhware
Asur nikandan Ram dulhare

Ashta-sidhi nav nidhi ke dhata
As-var deen Janki mata

Ram rasayan tumhare pasa
Sada raho Raghupati ke dasa

Tumhare bhajan Ram ko pavai
Janam-janam ke dukh bisraavai

Anth-kaal Raghuvir pur jayee
Jahan janam Hari-Bakht Kahayee

Aur Devta Chit na dharehi
Hanumanth se hi sarve sukh karehi

Sankat kate-mite sab peera
Jo sumirai Hanumat Balbeera

Jai Jai Jai Hanuman Gosahin
Kripa Karahu Gurudev ki nyahin

Jo sat bar path kare kohi
Chutehi bandhi maha sukh hohi

Jo yah padhe Hanuman Chalisa
Hoye siddhi sakhi Gaureesa

Tulsidas sada hari chera
Keejai Nath Hridaye mein dera

[Doha]

Pavan Tanay Sankat Harana
Mangala Murati Roop
Ram Lakhana Sita Sahita
Hriday Basahu Soor Bhoop

Hanuman Chalisa English Meaning With Lyrics

Shri Guru Charan Sarooja-raj Nija manu Mukura Sudhaari
Baranau Rahubhara Bimala Yasha Jo Dayaka Phala Chari
Budhee-Heen Thanu Jannikay Sumirow Pavana Kumara
Bala-Budhee Vidya Dehoo Mohee Harahu Kalesha Vikaara

Explanation

Having polished the mirror of my heart
with the dust of my Guru’s lotus feet,
I sing the pure fame of the simplest of the Raghus,
which bestows the four fruits of life.
Knowing this body to be barren of intelligence,
I recall the Son of the Wind.
Grant me strength, wit, and wisdom,
and remove my sorrows and shortcomings.

****

[1] Jai Hanuman gyan gun sagar
Jai Kapis tihun lok ujagar

Explanation

Victory to Hanuman, ocean of wisdom and virtue,
Hail Monkey Lord, the illuminator of the three worlds.

****

[2] Ram doot atulit bal dhama
Anjaani-putra Pavan sut nama

Explanation

 Ram’s emissary, the abode of matchless power,
Anjani’s son, named “Son of the Wind.”

****

 [3] Mahabir Bikram Bajrangi
Kumati nivar sumati Ke sangi

Explanation

 Great hero, mighty as a thunderbolt,
remover of evil thoughts and companion to the great.

****

[4] Kanchan varan viraj subesa
Kanan Kundal Kunchit Kesha

Explanation

Golden-hued and splendidly adorned,
with heavy earrings and curly locks.

****

[5] Hath Vajra Aur Dhuvaje Viraje
Kaandhe moonj janehu sajai

Explanation

 In your hands shine mace and banner,
a sacred thread of munja grass adorns your shoulder.

****

[6] Sankar suvan Kesari Nandan
Tej prataap maha jag vandan

Explanation

 You’re Shiva’s son and Kesari’s joy,
your glory is revered throughout the planet .

****

[7] Vidyavaan guni ati chatur
Ram kaj karibe ko aatur

Explanation

 Supremely wise, virtuous, and clever,
you are ever bent Ram’s work.

****

Hanuman Chalisa Hindi, English, Tamil, Telugu, Knnada Lyrics, hanuman chalisa mp3, Hnuman chalisa bhajan
Jai Shree RAM “Hanuman Chalisa”

[8] Prabu charitra sunibe-ko rasiya
Ram Lakhan Sita man Basiya

Explanation

Your enjoyment of hearing of the Lord’s deeds,
Ram, Lakshman, and Sita dwell in your heart.

****

[9] Sukshma roop dhari Siyahi dikhava
Vikat roop dhari lank jarava

Explanation

Assuming tiny form you seemed to Sita,
and in awesome guise, you burned Lanka.

****

[10] Bhima roop dhari asur sanghare
Ramachandra ke kaj sanvare

Explanation

 Taking dreadful form you slaughtered demons
and completed Lord Ram’s mission.

****

[11] Laye Sanjivan Lakhan Jiyaye
Shri Raghuvir Harashi ur laye

Explanation

 Bringing the magic herb, you revived Lakshman,
and Ram embraced you with delight.

****

[12] Raghupati Kinhi bahut badai
Tum mam priye Bharat-hi-sam bhai

Explanation

 Greatly did the Raghu Lord praise you –
“Brother, you’re as dear to me as Bharat!”

****

[13] Sahas badan tumharo yash gaave
Asa-kahi Shripati kanth lagaave

Explanation

 “May the thousand-mouthed serpent sing your fame!”
So saying, Shri’s Lord drew you to Himself.

****

[14] Sankadhik Brahmaadi Muneesa
Narad-Sarad sahit Aheesa

Explanation

Sanak and therefore the sages, Brahma, gods, and great saints,
Narada, Sarasvati, and therefore the king of serpents,

****

[15] Yam Kuber Digpaal Jahan te
Kavi kovid kahi sake kahan te

Explanation

Yama, Kubera, and therefore the guardians of the quadrants,
poets, and students – none can express your glory.

****

[16] Tum upkar Sugreevahin keenha
Ram milaye rajpad deenha

Explanation

You rendered great service to Sugriva,
presenting him to Ram, you gave him kingship.

****

[17] Tumharo mantra Vibheeshan maana
Lankeshwar Bhaye Sub jag jana

Explanation

Vibhishana heeded your counsel
and became Lord of Lanka, as all the planet knows.

****

[18] Yug sahastra jojan par Bhanu
Leelyo tahi madhur phal janu

Explanation

Though the sun is thousands of miles away,
you swallowed it, thinking it a sweet fruit.

****

[19] Prabhu mudrika meli mukh mahee
Jaladhi langhi gaye achraj nahee

Explanation

 Holding the Lord’s ring in your mouth
it’s no surprise you leaped the ocean.

****

Jai Bajrang Bali “Hanuman Chalisa”

[20] Durgaam kaj jagath ke jete
Sugam anugraha tumhre tete

Explanation

Every arduous task during this world
becomes easy by your grace.

****

[21] Ram dwaare tum rakhvare
Hoat na agya binu paisare

Explanation

 You’re the guardian of Ram’s door,
none enters without your leave.

****

[22] Sub sukh lahae tumhari sar na
Tum rakshak kahu ko dar naa

Explanation

 Taking refuge in you one finds all delight,
those you protect know no fear.

****

[23] Aapan tej samharo aapai
Teenhon lok hank te kanpai

Explanation

 You alone can withstand your splendor,
the three worlds tremble at your roar.

****

[24] Bhoot pisaach Nikat nahin aavai
Mahavir jab naam sunavae

Explanation

Ghosts and goblins cannot come near,
Great Hero, when your name is uttered.

****

[25] Nase rog harae sab peera
Japat nirantar Hanumant beera

Explanation

 All disease and pain is eradicated,
brave Hanuman, by constant repetition of your name.

****

[26] Sankat se Hanuman chudavae
Man Karam Vachan dyan jo lavai

Explanation

 Hanuman releases from affliction
those who remember him in thought, word, and deed.

****

[27] Sab par Ram tapasvee raja
Tin ke kaj sakal Tum saja

Explanation

 Ram the renunciant reigns overall –
you perform his every task.

****

[28] Aur manorath jo koi lavai
Sohi amit jeevan phal pavai

Explanation

 One who brings any yearning to you
obtains the fruit of abundant life.

****

[29] Charon Yug partap tumhara
Hai persidh jagat ujiyara

Explanation

 Your splendor fills the four ages,
Your glory is famed throughout the planet .

****

[30] Sadhu Sant ke tum Rakhware
Asur nikandan Ram dulhare

Explanation

 You’re the guardian of saints and sages,
the destroyer of demons, the darling of Ram

****

[31] Ashta-sidhi nav nidhi ke dhata
As-var deen Janki mata

Explanation

You grant the eight powers and nine treasures
by the boon, you received from Mother Janaki.

****

[32] Ram rasayan tumhare pasa
Sada raho Raghupati ke dasa

Explanation

You hold the elixir of Ram’s name
and remain eternally His servant.

****

[33] Tumhare bhajan Ram ko pavai
Janam-janam ke dukh bisraavai

Explanation

 Singing your praise, one finds Ram
and escapes the sorrows of countless lives.

****

[34] Anth-kaal Raghuvir pur jayee
Jahan janam Hari-Bakht Kahayee

Explanation

 At death, one goes to Ram’s city
or is born on earth as God’s devotee.

****

[35] Aur Devta Chit na dharehi
Hanumanth se hi sarve sukh karehi

Explanation

 Give no thought to the other deity –
worshipping Hanuman, one gains all delight.

****

[36] Sankat kate-mite sab peera
Jo sumirai Hanumat Balbeera

Explanation

 All affliction ceases, all pain is removed,
by remembering the mighty hero, Hanuman.

****

[37] Jai Jai Jai Hanuman Gosahin
Kripa Karahu Gurudev ki nyahin

Explanation

Victory, victory, victory to Lord Hanuman!
Be merciful whilst is that the Divine Master.

****

[38] Jo sat bar path kare kohi
Chutehi bandhi maha sukh hohi

Explanation

 Whoever recites this 100 times
is released from bondage and gains bliss.

****

[39] Jo yah padhe Hanuman Chalisa
Hoye siddhi sakhi Gaureesa

Explanation

 One who reads this Hanuman Chalisa
gains success – Gauri’s Lord bears witness.

****

[40] Tulsidas sada hari chera
Keejai Nath Hridaye mein dera

Explanation

Says Tulsidas, Hari’s constant servant,
“Lord, make your encampment in my heart.”

****

Pavan Tanay Sankat Harana
Mangala Murati Roop
Ram Lakhan Sita Sahita
Hriday Basahu Soor Bhoop

Explanation

Son of the Wind,
Banisher of sorrow and embodiment of blessing,
Dwell in my heart,
King of Gods, alongside Ram, Lakshman, and Sita

Jai Bajrang Bali “Hanuman Chalisa”

So I am sure that you guys loved reading Hanuman Chalisa in Hindi and English languages and if you want Hanuman Chalisa in other languages like Hanuman Chalisa in Kannada, Tamil, Oriya, Gujrati let us know about that.

The person who reads Hanuman Chalisa and recites Hanuman Chalisa will be benefited from health, wealth and prosperity. And the person who is reading this text and already read Hanuman Chalisa may lord Hanuman give you immense happiness in your life.

We are thinking to add Hanuman Chalisa Pdf in Hindi if you support it.
And not only that we got some plans to add Hanuman Chalisa mp3 Bhajans.

“Jai Shree Ram”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *